क्या पता लौट के आना के न आना होगा मेरे हमदम मुझे फ़िलहाल तो जाना होगा मैं रहूंगा न मेरा अक्स ही कहीं होगा यूं तेरे स…
Read moreहम कुछ बातें भूल गये हैं..... गीतों के संग तुन-तुन बजता हम इकतारा भूल गये हैं। जीवन का संगीत सुनाता वह बनजारा भूल गये हैं। छोटे थैले में भर …
Read moreनमाज़ें कर रहे हैं हम क़ज़ा ऐसे नहीं होता भुला बैठे हैं हम अपना ख़ुदा ऐसे नहीं होता नहीं कुछ ख़ौफ़ महशर का न जन्नत की तमन्ना है चढ़ा है सिर्फ दौलत का न…
Read moreग़ज़ल फ़ासले 'सारे 'मिटा 'देती है पल में गूगल। सैर दुनिया की करा देती है पल में गूगल। आप आओ तो सही इस 'पे ह़ुज़ूरे वाला। जो …
Read moreग़ज़ल इ़बादत हो रही है ऑन लाइन। मुह़ब्बत हो रही है ऑन लाइन। कई चैनल हैं जिनपर देखिए तो। …
Read moreमैं फ़र्द हूँ एक आम सा मैं फ़र्द हूँ एक आम सा एक क़िस्सा-ए-ना तमाम सा, ना लहजा बेमिसाल है …
Read moreवर्षांतरण : 2021-22 साल ठीक गुजर गया, खबर नहीं लगी, बचे रहे कि किसी की, नज़र नहीं लगी । बहुत सी गुगलियां थी, इसके तरकश में, अच्छा हुआ खेलने की, तलब़…
Read more
Copyright © 2020 ekdilkishayeri.com All Right Reseved
Social Plugin