आपको सभी तरह की शायरी, उर्दू - हिंदी भाषा में मिलेगा. नाआत शरीफ़, ग़ज़ल, मनकबत, हमद, और कई तरह की शायरी
शायरी, कविता का एक ऐसा रूप है जो हमारी भावनाओं को दूसरों तक तक पहुंचने में मदद करता है।
कई बार हम अपनी दर्द को किसी से बयां करने में सक्षम नहीं रहते और उस हालत में हम अपनी दर्द को शायरी के दरमियान दूसरों तक पहुंचाते हैं।
अगर आप शायरी, ग़ज़ल मनकबत हमद नाआत पढ़ने में दिलचस्प रखते हैं तो आप सही जगह पर आएं हैं।
रोज ही टकटकी लगा, यूँ दुनिया को देखता हूँ,
क्या चल रहा होगा मन में इनके, यूँ सोचता हूँ;
व्यस्त दिनचर्य खरीद फ़रोक्त, ज्यूँ मैं जाँचता हूँ,
आशनिराश सुखदुख यूँ, देहभाष्य खँगालता हूँ;
लगें स्वप्नधर इष्टधर भी, ज्यूँ बिन कहे पूछता हूँ,
हो ग़र सत्विदित भी, त्यूँ मैं शिष्य वर बूझता हूँ;
धरें देहसीमित सवार्थः सभी, ज्यूँ मैं आँकता हूँ,
सोचें मिथ्य धर्मलिप्त सभी, क्षुब्ध हैं जानता हूँ;
व्यर्थ हैं मेरे शब्द सभी, अभिव्यक्त यूँ मानता हूँ,
धर्मास्थ धरें ज्यूँ गहरी, मैं उपहास सहे जाता हूँ;
मनावता धर्म यूँ इष्ट प्रकृति, व्यर्थ कहे जाता हूँ,
नित् तेरे राम अल्लाह यीशु से, मैं हार जाता हूँ;
कण कण ग़र अल्लाह ईष हीं, त्युंहि जूछता हूँ,
ग़र परोक्ष ज्ञान सभी, कर्म तोहे सभी जाँचता हूँ;
व्यस्त दिनचर्य खरीद फ़रोक्त, ज्यूँ मैं जाँचता हूँ,
आशनिराश सुखदुख यूँ, देहभाष्य खँगालता हूँ;
रोज ही टकटकी लगा, दुनिया को यूँ देखता हूँ,
क्या चल रहा होगा मन में इनके, यूँ सोचता हूँ!
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