आपको सभी तरह की शायरी, उर्दू - हिंदी भाषा में मिलेगा. नाआत शरीफ़, ग़ज़ल, मनकबत, हमद, और कई तरह की शायरी
शायरी, कविता का एक ऐसा रूप है जो हमारी भावनाओं को दूसरों तक तक पहुंचाने में मदद करता है।
कई बार हम अपनी दर्द को किसी से बयां करने में सक्षम नहीं रहते और उस हालत में हम अपनी दर्द को शायरी के दरमियान दूसरों तक पहुंचाते हैं।
अगर आप शायरी, ग़ज़ल मनकबत हमद नाआत पढ़ने में दिलचस्प रखते हैं तो आप सही जगह पर आएं हैं।
मुझको डराना इतना आसान तो नहीं
धनवान है तू कोई भगवान तो नहीं
क्यूं रहूं ग़मज़दा, मैं क्यूं होऊं शर्मिंदा
दौलत ही तो खोई है ईमान तो नहीं
मना ही करना था तो प्यार से किया होता
हाथ मांगा था दोस्ती का दान तो नहीं
बरसों बाद फैंक रहे हो यूं मेरे सामने पैसे
कर्ज़ किया है वापस कोई एहसान तो नहीं
अपना दिया हर कौल निभाऊंगा मैं
वक़्त बदला है मेरा पर ज़ुबान तो नहीं
दिल में हों भले लाख़ हमारे रंजिशें
हंस के मिलने में कोई नुक्सान तो नहीं
तेरे चेहरे पे चस्पा ये हमेशा की मुस्कुराहट
किसी अंदरूनी चोट का निशान तो नहीं
किस्मत को कोसने से पहला सोचा कर
कहीं ये तेरे कर्मों का भुगतान तो नहीं
शान ओ शौकत हैं अफशा ख़ुदा की रहमतें
इन पे अकड़ने में कोई शान तो नहीं


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