आपको सभी तरह की शायरी, उर्दू - हिंदी भाषा में मिलेगा. नाथ शरीफ़, ग़ज़ल, मनकबत, हमद, और कई तरह की शायरी
शायरी, कविता का एक ऐसा रूप है जो हमारी भावनाओं को दूसरों तक तक पहुंचने में मदद करता है।
कई बार हम अपनी दर्द को किसी से बयां करने में सक्षम नहीं रहते और उस हालत में हम अपनी दर्द को शायरी के दरमियान दूसरों तक पहुंचाते हैं।
अगर आप शायरी, ग़ज़ल मनकबत हमद नाआत पढ़ने में दिलचस्प रखते हैं तो आप सही जगह पर आएं हैं।
गुनहगार निर्दोष बना दिए जायेंगे
सबूत सब के सब मिटा दिए जायेंगे
फिर न मिलेंगें तुझसे वोट मांगने वाले
नेता बनते ही पहरे लगा दिए जायेंगे
गुंडों को शहर से ख़तम करने के लिए
चुन चुन के नेता बना दिए जायेंगे
जनता पे पैसा किफायत* से ख़र्च होगा
मुजस्समों पे करोड़ों उड़ा दिए जायेंगे
एक दो पेड़ न कटेगें शहर बसाने के लिए
जंगल के जंगल ही जला दिए जायेंगे
मार दिए जायेंगे भूख़ और गरीबी से
पिछड़े लोग यूं ऊपर उठा दिए जायेंगे
सालाना जश्न होंगे नेताओं के जन्मदिन पे
शहीद चंद दिनों में भुला दिए जायेंगे
ये सियासत के तमाशे जब शुरू होंगें
जनता के लिए पर्दे गिरा दिए जायेंगे
अल्पमत वालों की अब बनेंगी सरकारें
' राज ' बहुमत वाले हरा दिए जायेंगे
शब्दार्थ
2.👉किफायत ;- कमखर्ची, कंजूसी2.👉मुजस्समों :- बुत , प्रतिमा


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