जाते हो तो जाओ अब लौट कर मत आना। लौट कर जब आओ तो मेरे घर मत आना।

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

एक दिल की शायरी

जाते हो तो जाओ अब लौट कर मत आना। लौट कर जब आओ तो मेरे घर मत आना।

 झुका कर सर मत आना


जाते हो तो जाओ अब लौट कर मत आना।

लौट कर जब आओ तो मेरे घर मत आना।


नींद बहुत  बाक़ी  है  इंतेज़ार के वक़्त की।

ख्वाबों में भी आओ तो अक्सर मत आना।


तेरी वफ़ा पर यकीं है हमको, सदा के लिये।

वापस जब आओ, सबूत ले कर मत आना।


ये तो प्यार का मिज़ाज है, अकड़ के रहना।

जब कभी मिलो, झुका कर सर मत आना।


कह दो खुशियों से, आना तो है तुम्हे ज़रूर।

एक एक कर आना, साथ मिलकर मत आना।


जो हाल में खुदा रक्खे, उस हाल में जी लेना।

बिन जीये इस ज़िन्दगी को, मर मत जाना।


जेबें तेरी खूब भरी, या फिर होगा तू कंगाल।

राहे शराबों जुएं  पर, ज़िन्दगी भर मत आना।


ये अदा, ये नखरे, ये बांकपन या अल्लड़पन।

हर बार ऐसे ही आना, कभी सुधर मत आना।


साथ चलेंगे हम न रुकेंगे, रोक कर भी देख लो।

हमसफ़र बन आना, बनकर रहबर मत आना।


कितनी लज़्ज़त है कि बार बार मैं चखना चाहूं।

मधुप्रमेह के आलम में, बन के सक्कर मत आना।


सियासत भरे माहौल में, हमने सब को जान लिया।

प्यार का पंछि बन बाना, बनके वानर मत आना।


हँस कर मिलना, साथ बैठना, पीना प्यार का जाम।

प्यार से लेना जान मेरी, बन के खंजर मत आना।


हल्के बहना, धीरे चलना, फिर तूफान न बन जाना।

नदिया बनकर आ जाना, बनकर सागर मत आना।




Post a Comment

0 Comments